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बिज़नेस खर्चों पर जीएसटी: क्या वापस मिल सकता है
कई खर्चों के बिल में जीएसटी होता है। अगर आप जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं और खर्चा बिज़नेस के लिए है, तो उस जीएसटी का बड़ा हिस्सा इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में आपको वापस मिलता है। कुछ खर्चों पर जीएसटी होता ही नहीं, और कुछ का जीएसटी कभी क्लेम नहीं हो सकता।
जीएसटी वाले खर्चे जिनका क्रेडिट आमतौर पर मिलता है
- जीएसटी रजिस्टर्ड मकान मालिक से दुकान, ऑफिस या गोदाम का किराया: बिल पर जीएसटी होता है और बिज़नेस इस्तेमाल पर क्रेडिट मिलता है।
- बिज़नेस के नाम पर फ़ोन और इंटरनेट के बिल।
- दुकान और मशीनों की रिपेयर और मेंटेनेंस (पर अपनी बिल्डिंग का निर्माण नहीं, और कारें नहीं: नीचे देखें)।
- अकाउंटेंट, वकील और सलाहकारों की प्रोफेशनल फीस, विज्ञापन, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन।
- बैंक चार्ज: बैंक चार्ज पर जीएसटी बैंक स्टेटमेंट या बैंक के महीने के इनवॉइस में दिखता है।
इन सब पर आम शर्तें लागू होती हैं: आपके नाम और GSTIN वाला टैक्स इनवॉइस, बिल आपके GSTR-2B में दिखे, और 180 दिन में सप्लायर को पेमेंट।
बिना जीएसटी वाले खर्चे
- बिजली के बिल: बिजली जीएसटी से छूट में है।
- पेट्रोल और डीज़ल: जीएसटी से बाहर, इन पर वैट और एक्साइज़ लगता है, इसलिए कोई क्रेडिट नहीं।
- अपने कर्मचारियों को सैलरी और मज़दूरी: कर्मचारी की मालिक को दी सेवा जीएसटी में सप्लाई नहीं है।
- लोन पर बैंक ब्याज, और ज़्यादातर सरकारी फीस।
जिन खर्चों का जीएसटी ब्लॉक है
CGST एक्ट की धारा 17(5) कुछ खर्चों पर क्रेडिट रोकती है, बिल सही होने पर भी: खाना-पीना, आउटडोर कैटरिंग, क्लब और जिम फीस, ब्यूटी और हेल्थ सर्विस, कारें और उनकी रिपेयर और बीमा (जब तक आप उसी काम में न हों), और गिफ्ट। पूरी रकम, जीएसटी सहित, खर्चे के रूप में लिखें, और इनपुट टैक्स क्रेडिट वाला बॉक्स टिक न करें।
बिना रजिस्ट्रेशन वाले मकान मालिक से किराया
10 अक्टूबर 2024 से, जब जीएसटी रजिस्टर्ड बिज़नेस किसी ऐसे मकान मालिक से कमर्शियल प्रॉपर्टी (दुकान, ऑफिस या गोदाम, घर नहीं) किराये पर लेता है जो जीएसटी में रजिस्टर्ड नहीं है, तो किराये पर जीएसटी किरायेदार रिवर्स चार्ज में भरता है (नोटिफिकेशन 09/2024-सेंट्रल टैक्स (रेट))। किरायेदार इसके लिए सेल्फ इनवॉइस बनाता है (self-invoice.niveshsahayak.in), GSTR-3B में जीएसटी नकद भरता है, और फिर उसे क्रेडिट में वापस ले सकता है। कंपोज़िशन वाले बाद में इस नियम से बाहर कर दिए गए। आप पर लागू होता है या नहीं, अकाउंटेंट से पूछें।
यहां कैसे लिखें
खर्चा में जो पूरी रकम दी वह लिखें। अगर उसमें जीएसटी है, तो "रकम में GST शामिल (%)" में रेट चुनें। "इस GST पर मैं इनपुट टैक्स क्रेडिट लूँगा" तभी टिक करें जब क्रेडिट मिलता हो; तब खर्चा बुक लागत बिना जीएसटी के गिनती है, और जीएसटी आपके इनपुट क्रेडिट में जाता है। बिल दूसरे राज्य का हो तो "दूसरे राज्य से बिल (IGST)" टिक करें।